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Children Section Hindi

बच्चे की अनुभाग

 

चुटकियाँ

फर्ज़ी नोट बनाने वाले की वर्कशॉप में कुछ गड़बड़ी हो गई और बंडल बन गया १५ रुपए के फर्जी नोटों का. बंडल को नष्ट करने के बजाए उसने सोचा, इन्हें शहर से दूर किसी छोटे गाँव में चला लूँ. वहाँ जाकर वह एक पान की दुकान पर रुका और एक रुपए की सिगरेट ली. पानवाले को १५ रुपए का नोट देते समय उसका कलेजा धड़क रहा था लेकिन पानवाले ने उस नोट को दुबारा देखा तक नहीं. नोट गल्ले में डाला और ७-७ रुपए के दो नोट निकाल कर उसे थमा दिए.

एक मूर्ख दसवीं मंजिल पर स्थित अपने ऑफिस में बैठा था तभी एक आदमी चिल्लाता हुआ आया : ''मोहन, मोहन, तुम्हारी बेटी एक दुर्घटना में मर गई.'' ''मेरी बेटी मर गई?'' मूर्ख चौंककर बोला और कुर्सी से उठ खड़ा हुआ. ''अब तो जीने का कोई अर्थ ही नहीं है!'' और उसने खिड़की से छलाँग लगा दी. जब वह छठी मंजिल तक पहुँचा तो उसे याद आया कि उसकी तो कोई बेटी है ही नहीं. जब वह चौथी मंजिल पर पहुँचा तो उसे ख्याल आया कि उसकी तो शादी ही नहीं हुई है, और ......... जब वह जमीन से टकराया तो उसे याद आया कि मोहन तो उसका नाम ही नहीं है.

एक बातूनी महिला टैक्सी में बैठी और जैसे ही गाड़ी चली वह ड्राइवर से बातें करने लगी.अधिकांश टैक्सी चालक बातूनी होते हैं लेकिन यह व्यक्ति जरा कम बोलने वाला था और बात नहीं करना चाहता था, इसलिए उसने इशारा किया कि वह गँूंगा-बहरा है. महिला निराश हो गई लेकिन पूरे रास्ते कुछ नहीं बोली. गाड़ी जब उसके गंतव्य पर रुकी तो वह बाहर निकली और तब उसे पता चला कि वह व्यक्ति गूंगा-बहरा होने का नाटक कर रहा था. वह इस निष्कर्ष पर कैसे पहुँची?

उत्तर : क्योंकि महिला ने शुरू में बातों-बातों में यह बताया था कि उसे कहाँ जाना है और ड्राइवर ने महिला के कहे बिना ही गाड़ी उसके गंतव्य पर रोक दी. स्पष्ट है कि उसने महिला की बात सुन ली थी.

शिक्षक : ''मीना, हाथी कहाँ पाए जाते हैं?''
मीना : ''मैडम, वे इतने बड़े होते हैं कि खो ही नहीं सकते!''

एक बुज़ुर्ग रेल के आखिरी डिब्बे में यात्रा कर रहे थे. आखिरी डिब्बे के कारण उन्हें रास्ते में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. गंतव्य पर पहुँचकर उन्होंने रेल विभाग को एक पत्र लिखा 'रेल में आखिरी डिब्बा नहीं होना चाहिए. ऐसा जरूरी हो तो उसे दो डिब्बों के बीच लगाएँ.'

एक व्यक्ति नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास पहुँचा और उसे चश्मा बनाने के लिए कहा. उसने एक फ्रेम पसंद की और विशेषज्ञ से पूछा, ''क्या चश्मा लगाने के बाद मैं पढ़ सकूँगा?'' विशेषज्ञ ने कहा ''बिल्कुल!''. वह बोला ''बढ़िया'' ''अब तक मैं बेकार ही अनपढ़ बना रहा.''

एक आयरिश, एक अँग्रेज और एक वेल्श रेगिस्तान की यात्रा पर गए. आयरिश ने शराब की बोतल साथ ली थी, वेल्श ने छाता रखा था तथा अँग्रेज ने कार का दरवाजा. वहाँ एक व्यक्ति ने उनसे पूछा कि अगर वे लोग यह बताएँ कि उन्होंने ये चीजें साथ में क्यों ली हैं तो वह उन्हें एक ऊँट दे देगा. आयरिश ने कहा ''ताकि प्यास लगी तो पी लूँ'' वेल्श ने कहा ''ताकि वर्षा हुई तो खोल लूँ'' अँग्रेज का जवाब था ''ताकि मौसम बहुत गर्म हो तो खिड़की बंद कर लूँ.''

एक महिला डिज़नीलैंड जा रही थी. शहर में पहुँचने पर उसने एक जगह लिखा देखा ''डिज़नीलैंड लेफ्ट''. वह पीछे मुड़ी और वापिस घर आ गई.( अंग्रेजी में लेफ्ट का एक अर्थ 'छोड़ गया/चला गया' भी होता है)

पत्नी : ''कार में कुछ गड़बड़ है.इसके कार्बोरेटर में पानी है.''
पति : ''कार्बोरेटर में पानी? क्या मज़ाक है?''
पत्नी : ''मैंने कहा न, कार्बोरेटर में पानी है!''
पति : तुम्हें पता ही नहीं है कि कार्बोरेटर होता क्या है. मैं देखता हूँ. कार है कहाँ?''
पत्नी : ''तालाब में''

शिक्षक : ''यदि मेरे एक हाथ में दो सेब तथा दूसरे हाथ में १२ संतरे हों तो मेरे पास क्या होंगे?''
छात्र : ''इतने बड़े हाथ जो कभी किसी के नहीं रहे.''

राहुल : '' मेरे पिता के बाल नहाते समय कभी गीले नहीं होते''
सचिन : ''क्या वे शॉवर कैप पहनते हैं?''
राहुल : ''नहीं, वे गंजे हैं!''

एक व्यक्ति अपनी माँ के लिए उपहार खरीदना चाहता था. वह पालतू प्राणियों की दुकान पर गया और छः सौ रुपए में एक तोता खरीदा जो छह भाषाएँ बोल सकता था और वर्णमाला को उल्टी तरफ से बतला सकता था. उसने तोता अपनी माँ को भेजा और बाद में उन्हें फोन करके पूछा, ''आपको तोता पसंद आया?'' ''बहुत'' माँ ने उत्तर दिया. ''अत्यंत स्वादिष्ट था!''

 दो लोग एक अपार्टमेंट में चोरी करने घुसे. उनमें से एक ने कहा, ''मालिक के आने की आवाज आ रही है, जल्दी करो, खिड़की से कूदो!''
दूसरे ने कहा, ''पागल हो गए हो? हम तेरहवीं मंजिल पर हैं!'' जवाब था ''अंधविश्वास छोड़ो, जान बचाओ!''

एक शाम घर लौटने पर पति ने पाया कि पत्नी रो रही है. सुबकियों के बीच उसने बताया, ''डार्लिंग, मैंने पहली बार तुम्हारे लिए बिरयानी बनाई और कुत्ता उसे खा गया।''

''कोई बात नहीं, प्रिये,'' पति ने उसका कंधा थपथपाते हुए कहा, ''कल मैं तुम्हारे लिए दूसरा कुत्ता ले आऊँगा''.

छात्रों को पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए एक प्रोफेसर कक्षा में कह रहे थे, ''यह सप्ताह, सोमवार को होने वाली मुख्य परीक्षा के लिए पढ़ाई का अंतिम अवसर है. समय निकलता जा रहा है. प्रश्न-पत्र प्रिंटर के पास पहुँच गया है इसलिए आज से ही पढ़ाई शुरू कर दें. कोई सवाल?'' तीन लड़कों ने हाथ उठाए. पहले ने पूछा, ''उसमें कितने प्रश्न होंगे?''

दूसरे ने पूछा, ''क्या उसमें अपठित गद्यांश होगा?'' तीसरे का प्रश्न था '' सर, प्रिंटर कौन है?''

रमेश : तुम्हें पता है? मेरे दादा के पास बृृहस्पति ग्रह जितना बड़ा खेत था.
राकेश : यह तो कुछ भी नहीं है. मेरे दादा के पास इतना लंबा बाँस था जिससे चाँद को छुआ जा सकता था.
रमेश : वाह, पर वे उसे रखते कहाँ थे?
राकेश : तुम्हारे दादा के खेत में.

ऐसा भी एक विमान अपहरण

हम उस व्यक्ति को कभी नहीं जान पाएँगे जिसने १९७६ में विमान अपहरण का अत्यंत विफल प्रयास किया. अमेरिका के लिए उड़ान के दौरान वह अपनी सीट से उठा, बंदूक निकाली तथा परिचारिका को बंदी बना लिया. ''मुझे डेट्राइट ले चलो,'' उसने माँग की. जवाब मिला ''हम डेट्राइट ही जा रहे हैं.'' ''हे...भगवान,'' उसने कहा, और फिर से बैठ गया.

नाकाम बैंक डकैती

अगस्त १९७५ में तीन आदमी रॉथसे में रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड को लूटने गए. वे रिवाल्विंग डोर में फँस गए तो वहाँ के कर्मचारियों ने उन्हें निकाला. कर्मचारियों को धन्यवाद देकर वे चुपचाप बाहर निकल गए. थोड़ी देर में वे वापिस आए और बैंक लूटने का अपना इरादा बतलाया लेकिन कर्मचारी यह मानने को तैयार नहीं थे. जब उन्होंने ५,००० पाउंड्‌स नकद माँगे तो खजांची को उन पर हँसी आ गई क्योंकि उसे विश्र्वास था कि यह एक मजाक था. तब उनमें से एक काउंटर पर कूदा, लेकिन एड़ी पकड़ कर फर्श पर गिर पड़ा. अन्य दो ने जब भागने का प्रयास किया तो वे फिर से रिवाल्विंग डोर में फँस गए.

कामचोर कबूतर

यह ऐतिहासिक पक्षी पेम्ब्रोकेशायर से जून १९५३ में छोड़ा गया था तथा उम्मीद थी कि शाम तक वह वापस आ जाएगा. वह वापिस आया ग्यारह वर्ष बाद, ब्राजील से कार्डबोर्ड के एक बक्से में डाक से - मुर्दा.

कम्प्यूटर डिक्शनरी

शब्द अर्थ
बिट (काट लिया) सड़क चलते कुत्ते को एक लात मारिए. उसकी प्रतिक्रिया बतलाने के लिए शायद यह शब्द काम आए.
बूट (रिश्तेखत्म करने का विचार) अपने कम्प्यूटर कौशल के बारे में डींगे हाँकते रहिए. एक दिन आपके मित्र जरूर पेश करेंगे इसे आपकी सेवा में.
बग (खिजलाना या नाराज़ करना) कम्प्यूटर की छोटी-सी हरी स्क्रीन को आप लगातार १५ मिनट तक देखते रहें. आपकी आँखें यही करेंगी. और, आपका नाम अपनी मेलिंग लिस्ट में पा लेने पर कम्प्यूटर पत्रिकाओं की कंपनियाँ भी यही काम करती हैं.
चिप्स कम्प्यूटर का उपयोग करने वालों के लिए चपटा, पोषणहीन खाद्य जो वे खाते नहीं और अपने की-बोर्ड के भोजन के लिए छोड़ देते हैं.
कॉपी (नकल) स्कूली जीवन में परीक्षा में आप यही करते थे क्योंकि आपका अधिकांश समय कम्प्यूटर पर गेम खेलने में बीतता था और पढ़ाई के लिए समय नहीं बचता था.
कर्सर (कोसने या गाली देने वाला) जब आपका कम्प्यूटर काम नहीं करता तो आप इसी भूमिका में होते हैं - जैसे ''अरे .. कम्प्यूटर के बच्चे, कमबख्त!''
डिस्क (शरीर का एक अंग - चक्री) जब आप सात घंटे तक कम्प्यूटर की-बोर्ड पर एक जैसे झुके रहते हैं यह आपकी पीठ से सरक जाती है.
डम्प (घूरा) अपने कम्प्यूटर पर गेम्स इन्स्टाल करने के तुरंत बाद आपके सभी शौक सिमटकर यहीं जमा हो जाते हैं.
एरर (गलती) जो आप तब कर बैठते हैं, जब कम्प्यूटर शोरूम में पहली बार घुसते समय यह सोचते हैं कि आप कम्प्यूटर को सिर्फ 'देखने जा रहे हैं'.
एक्सपांशन यूनिट (विस्तारण इकाई) अपने घर में कम्प्यूटर और इसके पेरीफेरल्स के लिए अलग से बनाया गया कमरा.
फाइल (रेती लगाना/तराशना) अब क्योंकि कम्प्यूटर उसका पूरे दिन का काम ३० मिनट में कर देता है, आपकी सेक्रेटरी अपने नाखून तराशने (फाइल करने) के सिवाय करे भी क्या?
फ्लॉपी कम्प्यूटर का लगातार उपयोग करने वाले का पेट, जो व्यायाम के अभाव में तथा जंक फूड खाने से हो जाता है.
हार्डवेयर लॉन मोवर्स, रैक्स तथा अन्य भारी उपकरण या औजार जिन्हें कम्प्यूटर खरीदने के बाद आपने हाथ तक नहीं लगाया.
आईबीएम एक प्रकार की मिसाइल जो आपके परिवारजन व मित्र आपके कम्प्यूटर पर पटकना चाहते हैं ताकि आप उन पर फिर से ध्यान देने लगें.
मेनू एक बार कम्प्यूटर खरीदने के बाद जिसे आप कभी नहीं देख पाते क्योंकि आपके पास इतने पैसे ही नहीं बचते कि आप रेस्टोरेंट में खाने जा सकें .
प्रोग्राम वे चीजें जिन्हें आप कम्प्यूटर में उलझने से पहले टेलीविज़न पर देखा करते थे.
रिटर्न जब उन्हें इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाले की ओर से पहली बार बिल मिलता है तो बहुत से लोग अपने कम्प्यूटर के साथ यही करते हैं.
टैब (उधारी का बिल) आपके मित्र जब आपको लंच पर मिलते हैं तो टैब वही उठा लेते हैं (क्योंकि आप अपना सारा पैसा नए साफ्टवेयर पर खर्च कर चुके होते हैं).
टर्मिनल हॉट कम्प्यूटर्स पर एक ऐसी जगह, जहाँ आप बसें, रेलें तथा वास्तव में अच्छा भोजन पा सकते हैं.

रोचक तथ्य

खेल की शुरूआत

१८८४ के लगभग ताश के पत्तों का खेल रशियन व्हिस्ट नाम से इग्लैंड में आया तथा कुछ ही तिमाहियों में लोकप्रिय हो गया. लीस्टरशायर के दो परिवारों ने एक रात छोड़कर इसे खेलने की आदत विकसित की. इन दोनों के घरों के बीच के रास्ते में रिकेटी का पुराना पुल था और इसे पार करने में वे डरते थे. विदा होते समय आने वाला परिवार कहता था : ''भगवान का शुक्र है कल तुम्हारी ब्रिज की रात है.'' उन्होंने मजाक में खेल को ब्रिज कहना प्रारंभ कर दिया, इस तरह से व्हिस्ट खो गया और ब्रिज नाम पड़ गया और धीरे-धीरे संक्षिप्त रूप से ब्रिज हो गया.

चमगादड़ आराम करते समय उल्टे क्यों लटकते हैं?

इसका कारण यह है कि उनकी टाँगों की हड्‌डी बहुत पतली होती है और शरीर का भार नहीं उठा सकती. पैरों पर भार न आए इसलिए चमगादड़ अपना शरीर फर्श पर घसीटते हैं. जब वे पर्च के द्वारा उल्टे लटकते हैं तब उनका भार टाँगों पर न आकर बिना किसी प्रयास के माँसपेशियों व टेंडन्स पर आता है.

चमगादड़ कैसे देखते हैं?

अक्सर लोग यह सोचते हैं कि चमगादड़ दुर्भाग्य लाते हैं, पर वास्तव में वे बड़े सौम्य और स्नेहिल जीव होते हैं. चमगादड़ उच्च आवृत्ति की ध्वनि उत्पन्न करते हैं जो हमारे कान नहीं सुन सकते. चमगादड़ इन ध्वनियों को बाधाओं, घरों, छतों व गुंबदों की ओर भेजते हैं. इन ध्वनियों की प्रतिध्वनि चमगादड़ों तक लौटकर आती है और उन्हें बताती है कि अँधेरे में उनके आस-पास क्या है. इस तरह वे शिकार करते हैं!

कोयला, प्राकृतिक गैस, परमाण्विक तथा तापीय रिएक्टर्स पारंपरिक ऊर्जा स्रोत हैं जो न सिर्फ पर्यावरणीय रूप से विनाशकारी हैं बल्कि सीमित अल्प अनवीनीकृत स्रोतों पर निर्भर हैं. अब लघु पैमाने पर जल विद्युत शक्ति, पवन-फार्म, ज्वार-भाटा व तरंग शक्ति, सौर ऊर्जा, भू-तापीय व बायो-मास (वनस्पति व प्राणी अपशिष्ट) ईंधनों के अन्वेषण पर जोर दिया जा रहा है जो नवीनीकृत ऊर्जा प्रदान करते हैं और यदि सही तरीके से नियोजित किए जाएँ तो पृथ्वी को कम से कम हानि पहुँचाते हैं.
एक वर्ष में सूर्य इतनी ऊर्जा प्रदान करता है जो मानवजाति की वर्तमान खपत से लगभग १०,००० गुना ज्यादा है.

विश्व में उपयोग की गई ऊर्जा का ८८ प्रतिशत कोयला, तेल तथा प्राकृतिक गैस से मिलता है.

१९९० में किए गए अध्ययनों के द्वारा अनुमान लगाया गया है कि उपयोग में आने वाली ऊर्जा का ७७ प्रतिशत जीवाश्म ईंधनों से, १८ प्रतिशत नवीनीकृत स्रोतों से तथा ५ प्रतिशत परमाणु ऊर्जा से आता है.

ऊर्जा के स्रोतों का अति दोहन अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषण, ग्रीन हाउस गैसों में वृद्धि, ओजोन पर्त के क्षरण तथा प्राकृतिक स्रोतों के समापन को जन्म देता है. कुछ परिमित अनुमानों के अनुसार तेल भंडार ४० से भी कम वर्ष तक चलेंगे.

भारत में तेल की माँग का ३३ प्रतिशत ही स्थानीय उत्पादन से पूरा होता है, शेष आवश्यकता आयात से पूरी होती है.

करें और जानें

करके देखें

१. यदि आप अपने अँगूठे की संख्या को १/२ से भाग दें और आने वाले अंक को अपनी उँगलियों की संख्या से गुणा करें, तो आपको क्या प्राप्त होगा?
२. यदि आप ०१२३४५६७८९ के सारे अंकों को जोड़ें, सभी अंकों का गुणा करें तो प्राप्त संख्या १०० से कम होगी या अधिक?

अंकों का जादू

A.एक सप्ताह में जितनी बार तुम बाहर खाते हो उस संख्या के बारे में सोचो.
B.इस संख्या को २ से गुणा करो.
C.५ जोड़ो.
D.प्राप्त अंक का ५० से गुणा करो.
E.यदि तुम्हारा जन्मदिन बीत चुका है तो इसमें १७५१ जोड़ो, और यदि हीं तो १७५० जोड़ो.
F.इसमें से तुम्हारा जन्मवर्ष घटा दो (उदाहरण के लिए १९५०, १९८०, १९८६ इत्यादि.)
H.अब तुम्हें तीन अंकों की संख्या मिलनी चाहिए.

पता लगाओ !

एक युवा व्यक्ति बी नामक कस्बे में रेलवे स्टेशन के पास रहता था. उसके दो मित्र थे, एक सी में रहता था तथा दूसरा डी में रहता था. सी में रहने वाले मित्र से मिलने के लिए उसे कस्बे के डाउन प्लेटफार्म से रेल में बैठना होता है और डी में रहने वाले मित्र से मिलने के लिए उसे अप प्लेटफार्म से रेल में बैठना होता है. चूँकि दोनों ही मित्र उसे प्यारे हैं यदि उसे मौका मिलता है तो वह दोनों से ही मिलना चाहता है. वह हर रविवार को किसी भी समय स्टेशन पहुँचकर पहली उपलब्ध ट्रेन में बैठता है। दोनों ही ट्रेनें स्टेशन पर लगभग समान रूप से हर दस मिनट बाद आती हैं, वह पाता है कि वह सी में रहने वाले मित्र के साथ ज्यादा समय बिता रहा है. वास्तव में औसत रूप से १० में से ९ बार वह वहाँ पहुँच जाता है। क्या आप कारण बता सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?

उत्तर

डी जाने वाली ट्रेन सी जाने वाली ट्रेन से एक मिनट बाद आती है। यदि वह व्यक्ति इस एक मिनट में स्टेशन पहुँच जाता है तो उसे डी जाने वाली ट्रेन मिल जाती है लेकिन यदि वह अगले ९ मिनट में से किसी भी समय पहुँचता है तो उसे दूसरी ट्रेन में ही बैठना पड़ता है, चूँकि उसके स्टेशन जाने का समय निश्चित नहीं है अतः १० में से ९ अवसरों पर उसे सी ट्रेन मिलती है.